आदर्श ग्राम तीर्थ योजना

” विश्व पुष्टं ग्रामे आस्मिन अनातुरम ” – अर्थवेद
अर्थात– इस गाँव आतुरता रहित परिपुष्ट विश्व हो |

आज विश्व भर के विचारसील, वैज्ञानिक, मनीषी संकीर्णता पर पछतावा करने लगे है | उन्हें भी इस साल का एहसास हो चूका है – विश्व केवल मनुष्य के लिए ही नहीं है, इसमे मानव के साथ मनात्तर प्राणी पशु-पक्षी, पेड़-पौधे, एवं पृथ्वी वायु, प्रकाश, आकाश आदि सभी का समायोजन है| अत: कल की दुनिया शहरो की नहीं गावों की होगी |

समय की नाड़ी को परखते हुए युवा क्रान्ति दल ने इसे आन्दोलन का रूप देने का निर्णय लेकर कार्य करना प्रारंभ किया है क्योकि ग्रामीण जीवन की ओर मुरना तभी  संभव है जब आदर्श  गाँव रूप ले और ग्राम अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था स्वावलंबी बने |

 पाँच सूत्री संकल्पना

  1. जन-जागृति अभियान :

    शिक्षा, सवास्थ्य के बारे में लोगो को समय समय पर जागृत करना एवं बीमारी के खतरों से सावधान करना|

  2. संस्कार आधारित शिक्षा :

    आदर्श- बाल संस्कार के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाना |

  3. स्वावलंबन :

    कुटीर उधोग के माध्यम से ग्राम उत्पाद को तैयार कर बाजार में बिक्री कर स्व-रोजगार उपलब्ध कराना |

  4. स्वास्थ्य-संवर्धन :

    इस कार्यक्रम के अंतर्गत लोगो को नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच एवं नि:शुल्क दवाईया का वितरण करना | योग के माध्यम अवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लोगो को निरोग रहने के लिए प्रेरित करना |

  5. पर्यावरण संरक्षण एवं व्यसन मुक्ति आन्दोलन :

    पर्यावरण क सुरक्षित रखने एवं व्यसन से बचने के लिए तरु पुत्र कार्यक्रम को चलाना एवं नशा उन्मूलन हेतु लोगो को जागृत करना |

सधन्यवाद

निवेदक

युवा क्रान्ति दल

गतिविधियाँ की झलक